खिला है ज्यों बिजली का फूल- भाग -1 -राकेश बिहारी (Epi- 75)
वैवाहिक जीवन और प्रेम दो अलग धरातल हैं। साथ रहकर भी क्या साथ रहते हैं लोग? क्या है जो ढूंढते हैं अपने मन का, जहां खोल दे मन के द्वार और जी लें थोड़ा सा जीवन, आज के लिए। वर्तमान संबंधों में नए अर्थ ढूंढती एक एक बेहरीन कहानी।
खिला है ज्यों बिजली का फूल- भाग -1 -राकेश बिहारी (Epi- 75)
वैवाहिक जीवन और प्रेम दो अलग धरातल हैं। साथ रहकर भी क्या साथ रहते हैं लोग? क्या है जो ढूंढते हैं अपने मन का, जहां खोल दे मन के द्वार और जी लें थोड़ा सा जीवन, आज के लिए। वर्तमान संबंधों में नए अर्थ ढूंढती एक एक बेहरीन कहानी।