यज्ञशाला में शिवका भाग न देखकर सतीके रोसपूर्ण वचन, दक्षा द्वारा शिवकी निंदा सुनकर दक्ष तथा देवताओं को धिक्कार फटकार कर सती द्वारा अपने प्राण त्यागका निश्चय........
यज्ञशाला में शिवका भाग न देखकर सतीके रोसपूर्ण वचन, दक्षा द्वारा शिवकी निंदा सुनकर दक्ष तथा देवताओं को धिक्कार फटकार कर सती द्वारा अपने प्राण त्यागका निश्चय........