माया निर्मित नगरमें शीलनिधिकी कन्या पर मोहित हुए नारदजीका भगवान विष्णुसे उनका रूप मांगना,भगवान का अपने रूपके साथ उन्हें वानरका- सा मुंह देना, कन्याका भगवानको वरण करना और कुपित हुए नारदका शिवगणोंको श्राप देना........
माया निर्मित नगरमें शीलनिधिकी कन्या पर मोहित हुए नारदजीका भगवान विष्णुसे उनका रूप मांगना,भगवान का अपने रूपके साथ उन्हें वानरका- सा मुंह देना, कन्याका भगवानको वरण करना और कुपित हुए नारदका शिवगणोंको श्राप देना........