गाणोके मुख से और नारदसे भी सतीके दग्ध होने की बातसुनकर दक्षपर कुपित हुए शिवका अपनी जटासे वीरभद्र और महाकाली को प्रकट करके उन्हें यज्ञ विध्वंस करने और विरोधियों को जला डालने की आज्ञा देना....
गाणोके मुख से और नारदसे भी सतीके दग्ध होने की बातसुनकर दक्षपर कुपित हुए शिवका अपनी जटासे वीरभद्र और महाकाली को प्रकट करके उन्हें यज्ञ विध्वंस करने और विरोधियों को जला डालने की आज्ञा देना....