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4 मिनट पॉडकास्ट की यह विशेष श्रृंखला यह दिखाती है कि रूस शब्दों को कैसे हथियार की तरह इस्तेमाल करता है। हम उन नैरेटिव्स पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो वास्तविकता को मोड़ते हैं, समाज को बाँटते हैं और लोकतांत्रिक संस्थानों पर भरोसे को कमजोर करते हैं। हर एपिसोड में हम यह समझाते हैं कि ये कहानियाँ कैसे बनती हैं, क्यों प्रभावशाली होती हैं और इनसे कैसे बचा जाए। हर एपिसोड लगभग चार मिनट का होता है और किसी एक कहानी, दावे या रणनीति पर केंद्रित होता है। यह श्रृंखला उन सभी के लिए है जो यह समझना चाहते हैं कि आज की लड़ाइयाँ बंदूक से नहीं, शब्दों से लड़ी जाती हैं।
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