सात चुड़ैल बहने और रुपेश की कहानी
(PART 1)
बात जब भूत, प्रेत, चुड़ैल, या फिर किसी शैतानी ताकत की हो तो। हर कोई उसे सुनना चाहता हैं। मगर अकेले में रूहानी ताकतों से सामना हो जाये तो। किसी का भी दम निकल सकता हैं। कोई कितना भी ताकतवर क्यों न हो, अदृश्य शक्तियों के सामने उसे झुकना ही पड़ता हैं।
ये कहानी हैं रुपेश की जो बँधवारी का रहनेवाला था। जो चुड़ैलों के बीच गलती से फास जाता है। रुपेश के घर में सिर्फ उसके पिता ही जीवित थे। माँ कई बरस पहले चल बसी थी। एक रात अचानक उसके पिता की तबियत बहुत ख़राब हो जाती है। वो घर में अकेला था। अपने पिता की हालत देख कर उस से रहा नहीं गया। रुपेश ने सोचा की उसे किसी तरह डॉक्टर बुलाना पड़ेगा । पर आधी रात का समय भी चूका था। वो करे तो क्या करे? डॉक्टर का घर उसके गाँव से बहुत दूर दूसरे गाँव में था। रास्ते में एक जंगल पड़ता था। थोड़ी देर सोचने के बाद उसने अकेले ही जाने का फैसला किया।