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April 27, 2021आज का दुख ✴️8 minutesPlayदुःख की परिभाषाएं बदल गई हैं। दुःख अपनी ही खींची हुई रेखा को रोज़ छोटा कर रहा है। इस मौत के आलम में ज़िंदा उम्मीदों के नाम।...moreShareView all episodesBy By ShubhiApril 27, 2021आज का दुख ✴️8 minutesPlayदुःख की परिभाषाएं बदल गई हैं। दुःख अपनी ही खींची हुई रेखा को रोज़ छोटा कर रहा है। इस मौत के आलम में ज़िंदा उम्मीदों के नाम।...more
दुःख की परिभाषाएं बदल गई हैं। दुःख अपनी ही खींची हुई रेखा को रोज़ छोटा कर रहा है। इस मौत के आलम में ज़िंदा उम्मीदों के नाम।
April 27, 2021आज का दुख ✴️8 minutesPlayदुःख की परिभाषाएं बदल गई हैं। दुःख अपनी ही खींची हुई रेखा को रोज़ छोटा कर रहा है। इस मौत के आलम में ज़िंदा उम्मीदों के नाम।...more
दुःख की परिभाषाएं बदल गई हैं। दुःख अपनी ही खींची हुई रेखा को रोज़ छोटा कर रहा है। इस मौत के आलम में ज़िंदा उम्मीदों के नाम।