जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित ‘आकाशदीप’ शीर्षक कहानी का कथानक चम्पा और बुद्धगुप्त के जीवन और कार्य के इतिवृत्त पर आधारित है। चम्पा मणिभद्र के दिवंगत प्रहरी की क्षत्रिय कन्या है और बुद्धगुप्त ताम्रलिप्ति का क्षत्रिय कुमार। दोनों ही जलपोत पर बन्दी के रूप में रहते हैं। कहानीकार ने इस कहानी के कथानक को क्रमबद्धता देने के लिए एक, दो, तीन, चार जैसे उपविभागों में विभाजित किया है।