आपकी आत्मा में वचन ।
और उद्धार का टोप , और आत्मा की तलवार , जो परमेश्वर का वचन है , ले लो ( इफिसियो ६ ; १७ ) । २कुरिंथियो १० ; ३ कहता है , क्योंकि यद्यपि हम शरीर में चलते फिरते हैं , तौभी शरीर के अनुसार नहीं लड़ते " । हम एक भौतिक लड़ाई में नहीं है ; यह आत्मिक है , और हमारा हथियार परमेश्वर का वचन है ; आत्मा की तलवार । जैसे ही आप परमेश्वर के वचन को मुक्त करते है - परमेश्वर के रेहमा को - आप आत्मा के स्तर में लड़ाई के लिए आगे बढ़ रहे है । सामर्थ मुक्त होती है, जो शत्रु को हिला देती है । मनन का यही कारण है । आपके मुंह में परमेश्वर का वचन शक्तिशाली है . मनन के बाद - अत्यधिक मनन के बाद । इस तरह के मनन के दौरान , आपका पूरा ध्यान वचन पर होता है । आप किसी भी प्रकार के व्यवधान को नहीं आने देते है । यही अंतर है उस व्यक्ति में जो अपने सिर से वचनो को बोल रहा है ।और जो वचन को बोल रहा है ; क्योंकि वे उसके अंदर रहते है । यही वह वस्तु थी जिसने दाऊद को बाकी सारे इस्त्राएलियो से अलग किया । वे सब खतना किए हुए थे और वाचा के बारे में जानते थे किंतु वे गोलियत के सामने थरथरा गए । कोई भी उस दानव का सामना नहीं कर पाया । किंतु जब दाऊद दिखाई दिया , तो उसने आश्चर्य किया कि क्यूँ हर व्यक्ति गोलियत से डरा हुआ है और उसने कहा , " . . . वह खतनारहित पलिश्ती क्या है कि जीवित परमेश्वर की सेना को ललकारे " ( १शमूएल १७ ; २६ ) । वह कह रहा था , “ हम खतना किए हुए है और खतना के द्वारा , हम परमेश्वर की श्रेणी में है । किंतु यह व्यक्ति खतनारहित है ; परमेश्वर उसकी ओर नही है ! " खतने का दाऊद के लिए वह अर्थ था जिसके विषय में दूसरे नहीं जानते थे । यही होता है जब वचन आपकी आत्मा में होता है । यीशु ने कहा , आपके पेट से जीवित जल की धाराएं बहेंगी । फूट पडेगी , बाढ़ की तरह - जीवित जल की ( यूहन्ना ७ ; ३८ ) । कुलुस्सियो ३ ; १६ कहता है , “ मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो , . . . " । वचन के अपने अध्ययन और मनन में पेटू बन जाईये । वचन को अपने हृदय और अपने मुँह में रखिए , यह आपको एक आश्चर्य बनाएगा और आपको एक विजयी की मानसिकता देगा । परमेश्वर की स्तुति हो !
आप मेरे साथ वचन कि घोषणा कर सकते है।
मेरे आंतरिक स्थान से जीवित जल के झरने फूटते है । जैसे ही मैं वचन पर मनन करता हूँ, इसको मैं आनंदी रूप से अपनी आत्मा में लेता हूँ । यह सत्यनिष्ठा , बुद्धि और दर्शन को लाता है , समृद्धि , विजय और प्रचुरता को लाता है । परमेश्वर की स्तुति हो !