आपका जीवन वास्तविक संदेश है । ये सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं , जिसने मसीह के द्वारा अपने साथ हमारा मेल - मिलाप कर लिया , और मेल - मिलाप की सेवा हमें सौंप दी है ( २कुरिंथियो ५ ; १८ ) । नये जन्मे के रूप में , आपको सुसमाचार सुनाने के लिए भेजा गया है, कि आप मसीह के उद्धार के संदेश को अपने विश्व; और उसके परे ले जाएं । किंतु क्या आप जानते है कि जो वस्तुएँ आप मसीह के गवाह के रूप में कहते है , उससे कही बढ़कर आपका जीवन वास्तविक संदेश है ? जब लोग आपको देखते है , तो आपकी मसीह के संबंध में उनके लिए क्या गवाही होगी ? आपका जीवन सच्चा संदेश है । दूसरे शब्दो में , जो सीखाते हो उसे सबसे पहले आपके जीवन में दिखना आवश्यक है । अधिकतर कहा जाता है , “ अभ्यास करो जो तुम प्रचार करते हो " ; किंतु उसका उलटा , उसका प्रचार करो जो अभ्यास करते हो , भी सही है । सुसमाचार के उस संदेश के साथ किसी दूसरे व्यक्ति को प्रभावित करना , जिसने आपके जीवन को प्रभावित नही किया है , एक मुश्किल काम है । इसलिए , उस व्यक्ति के रूप में जो दैविय जीवन का संदेश ले जाने के लिए अभिषिक्त है , उस संदेश के प्रभाव को आपके व्यक्तित्व की गुणवत्ता में अवश्य ही दिखना चाहिए । लोगो को आपको देखकर आपके प्रचार के परिणामो को देखना चाहिए । यह शुरु होता है जब आप स्वंय के लिए वचन को पचाते है , इसको समझते है, और हर स्थिती में वचन को करते है । परमेश्वर के वचन के लिए पूरी तरह से समर्पित हो जाईये; कि वह आपके जीवन और आपके चरित्र को परिवर्तित करे , और आपकी एक सत्यनिष्ठा का जीवन जीने में सहायता करें । उस तरिके से , आप निश्चित ही सत्यनिष्ठा के फलो को लाएँगे । २कुरिंथियो ३ ; ६ कहता है कि परमेश्वर " . . . जिसने हमें नई वाचा ( मसीह के द्वारा उध्दार ) के सेवक होने के योग्य ( हमें उपयुक्त और सक्षम और लायक बनाते हुए ) भी किया , शब्द ( कानूनी लिखित कोड ) के सेवक नहीं वरन् आत्मा के ; . . . " । फिर भी जो सच्चा संदेश आपके पास है यह उसका दर्शन है जो आपके अंदर है । एक “ व्यवसायिक प्रचारक " मत बन जाईये । चाहे आप कुछ भी सीखाए या प्रचार करे , दिन के आखिर में सबसे महत्वपूर्ण वस्तु वह सच्चा जीवन है जो आपके अंदर है ; वही आपका सच्चा संदेश है । इसलिए , व्यक्तिगत विकास के लिए परमेश्वर के वचनो में निवेश कीजिए । अपने जीवन को वचन के द्वारा बनाईये , अपने वचन पढने और अध्ययन के समय को गंभीरता से लेकर ।
आप मेरे साथ इसे कहीए। मेरा जीवन एक संदेश है , एक दैविय जीवन का संदेश , परमेश्वर के प्रेम , भलाई , सत्यनिष्ठा और सच्ची पवित्रता का संदेश । वे आनारक्षित रूप से मेरे विश्व में दिखाई देते है । मैं वचन के लिए पूरी तरह से समर्पित हूँ, अपने जीवन और चरित्र को संस्कृत करने के लिए और मुझे सही मानसिकता देते हुए , यीशु के नाम में । आमीन ।