क्या आप जानते है कि यह आपके लिए सम्भव है? सिर्फ समूह में उपस्थित होना काफी नहीं है परन्तु आत्मा से परिपूर्ण होना ज़रूरी है। पिन्तेकुस्त का दिन पर पिता ने आत्मा को उंडेल दिया। अब हम आत्मा में जीएंगे या शरीर में? दान देने के लिए : 9172324377@upi
क्या आप जानते है कि यह आपके लिए सम्भव है? सिर्फ समूह में उपस्थित होना काफी नहीं है परन्तु आत्मा से परिपूर्ण होना ज़रूरी है। पिन्तेकुस्त का दिन पर पिता ने आत्मा को उंडेल दिया। अब हम आत्मा में जीएंगे या शरीर में? दान देने के लिए : 9172324377@upi