गीतोपनिषद : श्रीमद्भगवद्गीता गीता यथारूप : कृष्णकृपामूर्ति हिंदी श्री श्रीमद् ए.सी.भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद संस्थापकचार्य : अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ - बल, सौंदर्य, ऐश्वर्य या उत्कृष्टता प्रदर्शित करने वाले समस्त अद्भुत घटनाएं, चाहे वे इस लोक में हो या आध्यात्मिक जगत में, कृष्ण की दैवी शक्तियों एवं ऐश्वर्य की आंशिक अभिव्यक्तिया हैं। समस्त कारणों के कारण स्वरूप तथा सर्व स्वरूप कृष्ण समस्त जीवो के परम पूजनीय है।