गीतोपनिषद : श्रीमद्भगवद्गीता गीता यथारूप : कृष्णकृपामूर्ति हिंदी श्री श्रीमद् ए.सी.भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद संस्थापकचार्य : अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ - शास्त्रों के नियमों का पालन न करके मनमाने ढंग से जीवन व्यतीत करने वाले तथा आसुरी गुणों वाले व्यक्ति अधम योनियों को प्राप्त होते हैं और आगे भी वह बंधन में पड़े रहते हैं। किंतु देवी गुणों से संपन्न तथा शास्त्रों को आधार मानकर नियमित जीवन बिताने वाले लोग आध्यात्मिक सिद्धि प्राप्त करते हैं।