गीतोपनिषद : श्रीमद्भगवद्गीता गीता यथारूप : कृष्णकृपामूर्ति हिंदी श्री श्रीमद् ए.सी.भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद संस्थापकचार्य : अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ - भौतिक प्रकृति के तीन गुणों से तीन प्रकार की श्रद्धा उत्पन्न होती है। रजोगुण तथा तमोगुण में श्रद्धा पूर्वक किए गए कर्मों से अस्थाई फल प्राप्त होते हैं, जबकि शास्त्र सम्मत विधि से सतोगुण में रहकर संपन्न कर्म ह्रदय को शुद्ध करते हैं। यह भगवान कृष्ण के प्रति शुद्ध श्रद्धा तथा भक्ति उत्पन्न करने वाले होते हैं।