एक घटना
तेर याद
बहत दन बीते ु
जलावतन हु
जीतीं ह या मर गयीं-
कु छ पता नहं
िसफ' एक बार एक घटना हई थी ु
*याल+ क
रात बड़ गहर थी
और इतनी ःत0ध थी
क प2ा भी हले
तो बरस+ के कान च6क जाते..
फर तीन बार लगा
जैसे कोई छाती का 9ार खटखटाये
और दबे पांव छत पर चढ़ता कोई
और नाखून+ से
पछली दवार को कु रेदता…..
तीन बार उठ कर
म ने सांकल टटोली
अंधेरे को जैसे एक गभ' पीड़ा थी
वह कभी कु छ कहता
और कभी चुप होता
?य+ अपनी आवाज को दांत+ म दबाता
फर जीती जागती एक चीज
और जीती जागती आवाज
“म काले कोस+ से आयी हंू
ूहAरय+ क
आंख से इस बदन को चुराती