कुछ दुख ऐसे होते हैं जिन्हें किसी को नहीं बता सकते हम।...पर रिश्तों में कभी कभी ऐसा भी होता है की आप इतना समझ जाते है इतना दुख पी लेते हैं की आगे मिलने वाला दुख बेअसर हो जाता है, फिर आप चलते नहीं...वहीं रुक जाते हैं। माज़ी की खूबसूरत यादों को दोहराते हैं। प्रेम में जीते हैं.....हँसते हैं...रोते हैं....मगर वो अतीत होता है।