मंदिर के बाहर जूता स्टैंड हो तो ठीक है नहीं तो दर्शन के दौरान बाहर रखे जूते भी तैरते रहते हैं . हमारे साथ कानपुर में अंधेरी सर्द रात में ऐसा ही कुछ घटित हुआ .....
मंदिर के बाहर जूता स्टैंड हो तो ठीक है नहीं तो दर्शन के दौरान बाहर रखे जूते भी तैरते रहते हैं . हमारे साथ कानपुर में अंधेरी सर्द रात में ऐसा ही कुछ घटित हुआ .....