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हम में से ज़्यादातर लोग अक़्सर ही शिकायत करते रहते हैं कि मेरे पास यह नहीं, मेरे पास वह नहीं, मेरी तो क़िस्मत ही ख़राब है। ईश्वर ने मेरे साथ ग़लत किया है। लेकिन हमारे पास जो है, उसके लिए कभी भी ईश्वर को धन्यवाद नहीं देते, हम बड़े बेग़ैरत हो गए हैं। यही वज़ह है कि दुनिया में ज़्यादातर लोग दुखी और परेशान हैं। जिस दिन हमारे भीतर धन्यवाद का भाव, अहोभाव का भाव आ जाएगा उस दिन सारे दुख, सारी परेशानियाँ छूमंतर हो जायेंगी।
By Manoj Shrivastavaहम में से ज़्यादातर लोग अक़्सर ही शिकायत करते रहते हैं कि मेरे पास यह नहीं, मेरे पास वह नहीं, मेरी तो क़िस्मत ही ख़राब है। ईश्वर ने मेरे साथ ग़लत किया है। लेकिन हमारे पास जो है, उसके लिए कभी भी ईश्वर को धन्यवाद नहीं देते, हम बड़े बेग़ैरत हो गए हैं। यही वज़ह है कि दुनिया में ज़्यादातर लोग दुखी और परेशान हैं। जिस दिन हमारे भीतर धन्यवाद का भाव, अहोभाव का भाव आ जाएगा उस दिन सारे दुख, सारी परेशानियाँ छूमंतर हो जायेंगी।