ऊर्जा का उम्र से संबंध नहीं, इसे महसूस करने के लिए सजग रहें
जीवन में सबसे महत्वपूर्ण चीज हमारी आंतरिक ऊर्जा है। ये जबरदस्त ऊर्जा खाने या सोने से नहीं मिलती। ये हमारे भीतर हमेशा मौजूद होती है, लेकिन हम इसे हमेशा महसूस नहीं कर पाते। वजह है हमारी मायूसी, विचारों का संकुचन और खुद जब आप मन मस्तिष्क को संकुचित कर लेते हैं, तो भीतर अंधेरा-सा छा जाता है। वहां ऊर्जा उस समय भी होती है, लेकिन प्रवाह रुक जाता है। इसलिए जब आप मायूस होते हैं, तो ऊर्जाहीन महसूस करते हैं। इस ऊर्जा का उम्र से कोई संबंध नहीं है।
बेस्ट सेलर लेखक को सीमित करना। माइकल ए. सिंगर
ये समझना जरूरी है आपके खुलने से ऊर्जा बहती है और बंद होने से रुक जाती है। अपनी ऊर्जा को संयोग के भरोसे नहीं छोड़ना
चाहिए। निर्णय आपके हाथों में है। सवाल है। कि ऊर्जा का प्रवाह हमेशा कैसे जारी रखें या खोले रखें। इसका बहुत ही आसान तरीका है। इसे खुद को सिखा भी सकते हैं। बंद रहना एक आदत है और अन्य किसी भी आदत की तरह इसे बदला जा सकता है। बस मायूसी के समय खुद को याद दिलाना है। शुरू में ये थोड़ा अजीब लग सकता है। अगर आप वाकई मुक्त रहना चाहते हैं तो जीवन में प्रेम व उत्साह मिले तो उस पर ध्यान दीजिए। फिर अपने आप से सवाल पूछिए कि यह आपको हमेशा क्यों नहीं मिल सकता। ये आपसे छिन क्यों जाता है। आप जितना अधिक आजाद और खुला हुआ महसूस करेंगे, आपके भीतर ऊर्जा का प्रवाह उतना ही ज्यादा रहेगा। जरूरत बस सजग रहने की है। ध्यान, जागरूकता और कुछ कोशिशों के साथ आप अपने आंतरिक केंद्रों को खुला रखना सीख सकते हैं। सिर्फ शांत और आजाद हो जाने से ऐसा किया जा सकता है।
-'अनंत चेतना की खोज में