हिमोजी और अलबेली को रचने वाली aprajita Sharma को हम सबसे बिछड़े हुए करीब डेढ़ महीने से ऊपर का समय हो चुका है, पर आज भी उनकी याद पलकें भिगो देती हैं, कुछ ऐसे ही उदगार व्यक्त किए हैं प्रतिभा कटियार ने, जिसे आवाज दी है प्रज्ञा मिश्रा ने ।
हिमोजी और अलबेली को रचने वाली aprajita Sharma को हम सबसे बिछड़े हुए करीब डेढ़ महीने से ऊपर का समय हो चुका है, पर आज भी उनकी याद पलकें भिगो देती हैं, कुछ ऐसे ही उदगार व्यक्त किए हैं प्रतिभा कटियार ने, जिसे आवाज दी है प्रज्ञा मिश्रा ने ।