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September 09, 2021अष्टावक्र गीता अध्याय 81 minutePlayअष्टावक्र गीता के इस अध्याय में श्री अष्टावक्र जी राजा जनक को बतला रहे हैं कि चित्त की आसक्ति अनासक्ति ही बंधन और मोक्ष का कारण है ।...moreShareView all episodesBy Shrikant MathurSeptember 09, 2021अष्टावक्र गीता अध्याय 81 minutePlayअष्टावक्र गीता के इस अध्याय में श्री अष्टावक्र जी राजा जनक को बतला रहे हैं कि चित्त की आसक्ति अनासक्ति ही बंधन और मोक्ष का कारण है ।...more
अष्टावक्र गीता के इस अध्याय में श्री अष्टावक्र जी राजा जनक को बतला रहे हैं कि चित्त की आसक्ति अनासक्ति ही बंधन और मोक्ष का कारण है ।
September 09, 2021अष्टावक्र गीता अध्याय 81 minutePlayअष्टावक्र गीता के इस अध्याय में श्री अष्टावक्र जी राजा जनक को बतला रहे हैं कि चित्त की आसक्ति अनासक्ति ही बंधन और मोक्ष का कारण है ।...more
अष्टावक्र गीता के इस अध्याय में श्री अष्टावक्र जी राजा जनक को बतला रहे हैं कि चित्त की आसक्ति अनासक्ति ही बंधन और मोक्ष का कारण है ।