यह कविता जीवन की यात्रा को बादल की बूंदों की यात्रा से परिभाषित करने का प्रयास कर रही है। जैसे बादल से निकली बूंदों का भविष्य नहीं मालूम होता वैसे ही मानव जीवन का भी हाल है। लेकिन आशा और दृढ़ इच्छाशक्ति से अपना जीवन उद्देश्य पूर्ण बनाया जा सकता है
यह कविता जीवन की यात्रा को बादल की बूंदों की यात्रा से परिभाषित करने का प्रयास कर रही है। जैसे बादल से निकली बूंदों का भविष्य नहीं मालूम होता वैसे ही मानव जीवन का भी हाल है। लेकिन आशा और दृढ़ इच्छाशक्ति से अपना जीवन उद्देश्य पूर्ण बनाया जा सकता है