Khayalaat - The Unrevealed Poerty

"Be-Laus Mohabbat" - Aakhiri Lams


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उन मुन्तज़िर आँखों से वादे तुम पचास न करो,
अना-परस्ती को ही अपना तुम लिबास न करो..
चाहते हो उसे, तो बस चाहते रहो बे-लौस यूँ ही,
बदले में उससे मुहब्बत की तुम क़यास न करो..
माना ख़ूबसूरत सा वास्ता हो गया है अब उस से,
मगर ता-उम्र, वाबस्तगी की भी तुम आस न करो..
वो छोड़ जाए तो रह जाए ख़लिश सी ज़िन्दगी में,
किसी शख़्स को अब इतना भी तुम ख़ास न करो..
बारहा माफ़ी माँगने का कोई मतलब है नहीं मियाँ,
अगर इन गलतियों का ज़रा तुम अहसास न करो..
सूरत पर किसी की मुस्कुराहट नहीं भी ला सकते,
कम से कम उन आँखों को तो तुम उदास न करो..
- फ़िज़ा
@aakhiri_lams
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Khayalaat - The Unrevealed PoertyBy Om Arya