हक़ की बात करनेवाली औरतों को चुप कराना समाज में आम बात हो चुकी है ! ऐसा करना कोई सामान्य गलती नहीं है, बल्कि अपराध है ! संकुचित विचार न बदलने की गलती जब तक समाज करता रहेगा तब तक हक़ की लड़ाई जारी रहेगी !
हक़ की बात करनेवाली औरतों को चुप कराना समाज में आम बात हो चुकी है ! ऐसा करना कोई सामान्य गलती नहीं है, बल्कि अपराध है ! संकुचित विचार न बदलने की गलती जब तक समाज करता रहेगा तब तक हक़ की लड़ाई जारी रहेगी !