हिंदी साहित्य के आधुनिक काल का आरंभिक समय भारतेंदु युग के नाम से जाना जाता है इस समय के साहित्य में उस युग की परिस्थितियों का विशेष प्रभाव रहा है भारतेंदु के ज्वलंत क्रांतिकारी एवं साहित्यकार व्यक्तित्व का इतना अधिक प्रभाव इस युग पर रहा कि युग का नाम ही भारतेंदु युग रखा गया