भक्ति और शक्ति के प्रतीक महाराणा प्रताप की विजयी गाथा | Maharana Pratap | Pratap Gaurav Kendra | Om JI BhaiSahab
जेष्ट शुक्ला तृतीया, विक्रम सवंत 1597 में प्रताप का जन्म कुम्भलगड़ में, जन्म के पश्चात बारह वर्ष तक कुम्भलगड़ में रहे। माँ जयवंती बाई के संस्कारों की परवरिश में लालन पालन|
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जेष्ट शुक्ला तृतीया, विक्रम सवंत 1597 में प्रताप का जन्म कुम्भलगड़ में, जन्म के पश्चात बारह वर्ष तक कुम्भलगड़ में रहे। माँ जयवंती बाई के संस्कारों की परवरिश में लालन पालन|