अहमद फ़राज़ साब की मशहूर ग़ज़ल जो बयान करती है प्रेम के शाश्वत स्वरूप को , जहां दो शख़्स अपने अपने विचार रखते हैं ,प्रेम के बारे में ...दो लोगो के मिलने और जुदा होने की किस्सागोई बयान करती हुई ये ग़ज़ल पेश - ए - खिदमत है ।
अहमद फ़राज़ साब की मशहूर ग़ज़ल जो बयान करती है प्रेम के शाश्वत स्वरूप को , जहां दो शख़्स अपने अपने विचार रखते हैं ,प्रेम के बारे में ...दो लोगो के मिलने और जुदा होने की किस्सागोई बयान करती हुई ये ग़ज़ल पेश - ए - खिदमत है ।