इंसान खुद पर से भरोसा बदलाव की संभावनाएं हमेशा देखते खो रहा है। कई मौकों उन्होंने मानवता के भीतर अनंत संभावनाओ पर इंसानों ने ताकत का समुंदर देखा है। भले आपको पूरी सीढ़ी का भद्दा दिखावा दिखे, लेकिन जब विश्वास से पहला कदम किया है। अतीत की उठाते हैं, तभी यात्रा शुरू हो जाती है। विश्वास घटनाएं इसकी प्रतीक और प्रेम पूरक हैं। प्रेम ही इकलौती ताकत है हैं। लेकिन अभी भी जो शत्रु को मित्र बना सकती है। जो इंसान
यह बेहतरी के लिए विज्ञान अनुसंधान करता है, तो धर्म व्याख्या करता है। विज्ञान ज्ञान देता है, जिससे ताकत मिलती है, तो धर्म से विवेक पैदा होता है और इससे जीवन पर नियंत्रण विज्ञान जहां तथ्यों पर चलता है, धर्म मूल्यों पर। ये दोनों विरोधी नहीं साझेदार हैं। यदि आप उड़ नहीं सकते हो, तो दौड़ो। यदि दौड़ नहीं सकते हो, तो चलो। यदि चल भी नहीं सकते हो, तो रंगो। लेकिन हमेशा आगे बढ़ते रहो।
के एक पड़ाव के बाद कुछ लोग बदलने से इंकार कर देते हैं, पर बदलना हमेशा मुमकिन होता है, बशर्ते स्वभाव के बदलने में उसका विश्वास हो। जब अंधेरा होता है, तभी आपको तारे नजर आते हैं। इसलिए जीवन के अँधियारे में भी उम्मीद के तारे रोशन रखिए।