साहेब की थाली भोजन से भरी हुई थी। जबान बदमजा हुई पडी थी और मुह मे निवाला रखते ही शिकायतो का रेला निकल रहा था। मुनिया को तो केवल दाल चावल मिले,लेकिन बेहद स्वाद भरे। ऐसा कयो कर हुआ होगा?
साहेब की थाली भोजन से भरी हुई थी। जबान बदमजा हुई पडी थी और मुह मे निवाला रखते ही शिकायतो का रेला निकल रहा था। मुनिया को तो केवल दाल चावल मिले,लेकिन बेहद स्वाद भरे। ऐसा कयो कर हुआ होगा?