भारतीय समाज में आज भी स्त्री पुरुष संबंधों को ही मान्यता है। इसके इतर संबंधों की बात सोच पाना या जीवन में उसे सहजता से ले पाना आज भी एक बड़ी चुनौती है। लेकिन सच पे पर्दा कब तक?
भारतीय समाज में आज भी स्त्री पुरुष संबंधों को ही मान्यता है। इसके इतर संबंधों की बात सोच पाना या जीवन में उसे सहजता से ले पाना आज भी एक बड़ी चुनौती है। लेकिन सच पे पर्दा कब तक?