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ज़िंदगीं में हज़ारो बाते एक साथ चलती रहती है। ..मानो जैसे कोई खटखट चल रही हो दिमाग में। पर हमे जो कुछ अपनी ज़िन्दगियों में करना है वह इस खटखट में ही करना होगा। क्यो की अगर खटखट रुक जाने की राह हम देखते रहे, तो शायद कभी कुछ करने का वक्त ही न मिले। तो चलिए इस खटखट में ही हम वह हर बात करना शुरु कर देते है. .. फिर वह वर्जिश हो , नया कोई स्किल सीखना हो , या फिर कही ट्रैवल ही करना हो। एक बार इस खटखट को समझ जाए तो फिर सारे एक्सक्यूसेस एकदम ख़त्म।
By Anshuman Khurjekarज़िंदगीं में हज़ारो बाते एक साथ चलती रहती है। ..मानो जैसे कोई खटखट चल रही हो दिमाग में। पर हमे जो कुछ अपनी ज़िन्दगियों में करना है वह इस खटखट में ही करना होगा। क्यो की अगर खटखट रुक जाने की राह हम देखते रहे, तो शायद कभी कुछ करने का वक्त ही न मिले। तो चलिए इस खटखट में ही हम वह हर बात करना शुरु कर देते है. .. फिर वह वर्जिश हो , नया कोई स्किल सीखना हो , या फिर कही ट्रैवल ही करना हो। एक बार इस खटखट को समझ जाए तो फिर सारे एक्सक्यूसेस एकदम ख़त्म।