
Sign up to save your podcasts
Or


कुछ फिल्में परदे पर लिखी एक कविता की तरह होती है, ये निर्देशक की संवेदनशीलता है जो किसी किरदार की कहानी को उसके हर मर्म को दर्शकों से जोड़ देती है, मोहिनदर गुजराल और लक्षविर सारण अभिनीत नेटफलिक्स फिल्म माईलस्टोन या मील पत्थर को निर्देशित किया है इवान अयर ने, आज इसी फिल्म की समीक्षा कर रहे हैं सुशील और रेडियो प्लेबैक इंडिया के लिए इस इंग्लिश समीक्षा को लिखा है आह्वान पधी ने।
By Radio Playback Indiaकुछ फिल्में परदे पर लिखी एक कविता की तरह होती है, ये निर्देशक की संवेदनशीलता है जो किसी किरदार की कहानी को उसके हर मर्म को दर्शकों से जोड़ देती है, मोहिनदर गुजराल और लक्षविर सारण अभिनीत नेटफलिक्स फिल्म माईलस्टोन या मील पत्थर को निर्देशित किया है इवान अयर ने, आज इसी फिल्म की समीक्षा कर रहे हैं सुशील और रेडियो प्लेबैक इंडिया के लिए इस इंग्लिश समीक्षा को लिखा है आह्वान पधी ने।