उत्तरी-मध्य भारत के लोकगीतों में चंबल के बीहड़ों का विशेष स्थान है। फूलन देवी, पान सिंह तोमर, मान सिंह और निर्भय सिंह गुज्जर जैसे डकैतों की कहानियां अब भी इन क्षेत्रों में घरेलू किस्से हैं और अक्सर इनकी कहानी दादी नानी द्वारा सुनाई जाती है। मेरी कविता उसी अनुभव से रूबरू होने की कोशिश करती है। फ़ोटो क्रेडिट: बेंडिट क्वीन पोस्टर, 1994, शेखर कपूर
---
Send in a voice message: https://anchor.fm/harish-benjwal/message