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आजकल आंदोलनों का रूप बदल गया है,सारी पटकथा मोबाइल की स्क्रीन और राजनैतिक दलों के बंद कमरों में लिखी जाती है। लोग भूल जाते हैं चुनी हुई सरकार पांच वर्ष के अनुबंध पर चलती है। फिर बजट है उसकी सीमाएं हैं । हर व्यक्ति को संतुष्ट करना भी नामुमकिन है।
माननीय सरकार ने जनता को खुश करने के लिए 2023 में एक बिल पास किया, जन विश्वास अधिनियम जिसके अंतर्गत 180 अपराधों को मामूली गलती की श्रेणी मे डाल दिया, गलती करो जुर्माना भरो सब ठीक, इसी बिल की सफलता से खुश होकर जनता से ताली बजवाने के लिए सरकार बॉलीवुड की तरह सिक्वल कजर आई, 2025 में जब विश्वास अधिनियम पार्ट 2 आया, अब सरकार ने 350 और अपराधों को मामूली गलती की श्रेणी में डाल दिया, गलती करो जुर्माना भरो,जनता खुश सरकार खुश
दशकों से दो प्लास्टिक कार्ड वैश्विक प्लास्टिक मनी के बाजार में दो अमेरिकी दिग्गज VISA और MASTER कार्ड का निर्विवाद राज रहा, विश्व में आप कहीं भी रहते हों आपकी जेब में पड़े कार्ड पर इनमें से किसी एक का ठप्पा अवश्य होगा।
RUPAY का उदय इसी आर्थिक निर्भरता की बेड़ियों को तोड़ने के लिए हुआ है।ये गरीबों का कार्ड आज NPCI की बदौलत बहुत शक्तिशाली हो गया है,ये UPI से जुड़ गया और बाजार के खेल के नियम बदल गये।
कुछ दिनों से दिल्ली में बस ड्राइवर की हड़ताल चल रही है, उनकी मुख्य मांग 862 रुपय की दिहाड़ी को 2000 रुपए करने की है,और छुट्टी भी चाहिए अब ठेकेदारी के युग में परमानेंट वाली सुविधाएं चाहिए जब एक स्थायी कर्मचारी के वेतन पर चार ठेकेदारी पर दिहाड़ी मजदूर मिल रहे हैं तो सरकार खज़ाना खाली क्यों करेगी
बॉलीवुड की कई सच्चाइयां हैं जो हमें हजम नहीं होती,चमक धमक के पीछे कितना अंधेरा है इसका अंदाजा करना नामुमकिन है, कई किस्से मशहूर हो जाते हैं कई सिर्फ किस्से ही लगते हैं, परियों की कहानी की तरह यकीन करने को मन बहुत करता है, एक काली सच्चाई है घोस्ट राइटर, जी हां,एक ऐसा बेचारा आदमी जिसकी कलम तो कमाल करती है पर जिसकी किस्मत उससे मुंह फेर लेती है,जी वो घोस्ट राइटर लिखता तो बहुत अच्छा है पर बिकता नहीं है, कोई उसकी कहानी पर फिल्म बनाने को तैयार नहीं होता,तब वो एक सौदा करता है , अपनी कलम बेच देता है फिर कोई नामचीन एक्टर , प्रोड्यूसर या डायरेक्टर अपने नाम से उस पर फिल्म बनाता है और वाहवाही लूट लेता है
चंचल की हत्या में रमेश शामिल है या नहीं इसका खुलासा करते हुए कहानी आगे बढ़ेगी, कातिल के चेहरे से नकाब सरकेगी और साजिश और गहरी होती चली जाएगी
खबरों से पता चला कि रूस के राष्ट्रपति श्रीमान पुतिन जी अक्सर अपने साथ एक सूटकेस रखते हैं , बस यूं ही एक विचार आया और जो दिल में आया कह दिया, सिर्फ आनंद के लिए एक व्यंग लिखा है किसी का व्यक्तिगत अपमान करने का ना तो इरादा है ना नीयत, एक चुटकी ली है , बाकी क्षमायाचना
दिल्ली सरकार ने 3.21 करोड़ का बजट पास कर दिया नकली बारिश के लिए, नतीजा हमने देख लिया इसी पर मेरे विचार
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