कई बार हम, 'लोग क्या कहेंगे' के चक्कर में अपनी रुचि का काम करने से पीछे हट जाते हैं। हम ये सोचते हैं कि पता नहीं हम ये काम ठीक से कर पायेंगे या नहीं। आज आप सभी लोगों से इस पॉडकास्ट के माध्यम से यही गुजारिश करता हूँ कि कुछ समय अपनी खुशी के लिए भी निकालिये। हर काम परफेक्ट हो ये जरूरी नहीं है। अगर हम खुश होंगे तभी समाज में खुशियाँ बाँट पायेंगे। आइए हम मिलकर इस दुनिया को एक सुंदर और प्यारी सी जगह बनाने में लग जायें।