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अनेकों बार इन्सान चाहकर भी, खुद को व्याप्त नकारात्मकता से बचा नहीं पाता | अक्सर वह हार मान खुद और हालातों को कौसने लगता हैं | वह ईश्वर की असीम शक्ति और विश्वास को नकार | रोने गिडगिडाने लगता हैं | क्या आपके साथ भी ऐसा कुछ होता हैं | यां फिर आपका कोई जानने वाला कुछ ऐसे ही दौर से गुजर रहा हैं | तो आज की कहानी जादुई बीज को अवश्य सुने और पसंद आने पर मित्रों आदि में साँझा करें | कृपा होगी
By Author Chai Walaअनेकों बार इन्सान चाहकर भी, खुद को व्याप्त नकारात्मकता से बचा नहीं पाता | अक्सर वह हार मान खुद और हालातों को कौसने लगता हैं | वह ईश्वर की असीम शक्ति और विश्वास को नकार | रोने गिडगिडाने लगता हैं | क्या आपके साथ भी ऐसा कुछ होता हैं | यां फिर आपका कोई जानने वाला कुछ ऐसे ही दौर से गुजर रहा हैं | तो आज की कहानी जादुई बीज को अवश्य सुने और पसंद आने पर मित्रों आदि में साँझा करें | कृपा होगी