यह तरकी के ख्याल, मसहूर होने की कोशिशे मेरे कभी काम ही नही आई, पहले लगता के शायद मुझ जैसे आम के बस का थोड़ी है, इतना आसान होता तो सब ही कामियाब होते, हैं ना?
यह तरकी के ख्याल, मसहूर होने की कोशिशे मेरे कभी काम ही नही आई, पहले लगता के शायद मुझ जैसे आम के बस का थोड़ी है, इतना आसान होता तो सब ही कामियाब होते, हैं ना?