उसने अपनी जान दे दी देश के लिए। सब गौरवांवित हुए और आगे बढ़ गए । लेकिन उसकी भावनाओं का क्या ? वह कोई मशीन तो नही । हर सैनिक की भावनाएं उसके साथ ही दम तोड़ देती हैं । क्या कभी राजनीति समझेगी इसे ? क्या कभी सत्ताधीश समझेंगे इसे ? क्या कभी देशवासी समझेंगे इसे ? क्या कभी आप समझेंगे इसे ? उत्तर की प्रतीक्षा में हूँ ।