रज्जब, जो पेशे से एक कसाई है। वह अपनी गंभीर रूप से बीमार पत्नी को लेकर रात बिताने के लिए एक गांव के 'ठाकुर' के पास शरण मांगता है। कसाई होने के कारण ठाकुर उसे दुत्कार देता है और अपने घर से निकाल देता है। विवश होकर रज्जब को रात खुले आसमान (पेड़ के नीचे) गुजारनी पड़ती है। सुबह होते ही उसकी पत्नी की हालत और बिगड़ जाती है, जिससे उसे फिर से शरण की सख्त आवश्यकता पड़ती है। अचानक उसके साथ जो हुआ उसकी उसने कल्पना ही न की थी।
सुनिए यह प्रसिद्ध और नर्म8के कहानी और अपनी प्रतिक्रिया भी अवश्य दीजिए।
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