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साल १९९९, अप्रैल महीने का आखिरी दिन -- दिल्ली में, क़ुतुब मीनार से सटे हुए, टामारिंड कोर्ट नाम के रेस्त्रां में एक पेज-३ पार्टी चल रही थी। पार्टी में, जेसिका लाल जो कभी फैशन-मॉडल हुआ करती थीं, 'सेलिब्रिटी बारटेंडर' बनी हुई थीं। रात के दो बजे, जब जेसिका ने एक नेता जी के लड़के को ड्रिंक्स देने से इंकार कर दिया तो उसने गोली चला कर जेसिका को वहीं मार डाला।
इस सनसनीखेज हत्याकाण्ड को कल्पित रूप देते हुए, पत्रकार कनिका गहलौत ने अपने अंग्रेज़ी उपन्यास 'अमंग द चैटराटी' की शुरुआत की है। २००२ में प्रकाशित, दिल्ली की सेलिब्रिटी, फैशन, राजनीती, और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुए असली हस्तियों और वास्तविक घटनाओं पर आधारित ये उपन्यास, छपने के बाद ख़ासे चर्चे में रही। आइये किताब के छपने के बीस साल पश्चात, सुनते हैं कनिका के साथ उनके उपन्यास पर एक चर्चा।
कनिका का 'X' (ट्विटर) हैंडल -- @kanikagahlaut
अमंग द चैटराटी ऐमज़ॉन पर उपलब्ध है
By Himanshu Bhagatसाल १९९९, अप्रैल महीने का आखिरी दिन -- दिल्ली में, क़ुतुब मीनार से सटे हुए, टामारिंड कोर्ट नाम के रेस्त्रां में एक पेज-३ पार्टी चल रही थी। पार्टी में, जेसिका लाल जो कभी फैशन-मॉडल हुआ करती थीं, 'सेलिब्रिटी बारटेंडर' बनी हुई थीं। रात के दो बजे, जब जेसिका ने एक नेता जी के लड़के को ड्रिंक्स देने से इंकार कर दिया तो उसने गोली चला कर जेसिका को वहीं मार डाला।
इस सनसनीखेज हत्याकाण्ड को कल्पित रूप देते हुए, पत्रकार कनिका गहलौत ने अपने अंग्रेज़ी उपन्यास 'अमंग द चैटराटी' की शुरुआत की है। २००२ में प्रकाशित, दिल्ली की सेलिब्रिटी, फैशन, राजनीती, और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुए असली हस्तियों और वास्तविक घटनाओं पर आधारित ये उपन्यास, छपने के बाद ख़ासे चर्चे में रही। आइये किताब के छपने के बीस साल पश्चात, सुनते हैं कनिका के साथ उनके उपन्यास पर एक चर्चा।
कनिका का 'X' (ट्विटर) हैंडल -- @kanikagahlaut
अमंग द चैटराटी ऐमज़ॉन पर उपलब्ध है