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हम हैं सूखे हुए तालाब पे बैठे हुए हंस
जो तअल्लुक़ को निभाते हुए मर जाते हैं
सुनिए अब्बास ताबिश की बेहतरीन ग़ज़लें
By Qafir Khayalहम हैं सूखे हुए तालाब पे बैठे हुए हंस
जो तअल्लुक़ को निभाते हुए मर जाते हैं
सुनिए अब्बास ताबिश की बेहतरीन ग़ज़लें