राजा भगीरथ कथा को स्थूल अर्थों में देखने पर जान पड़ता है कि जो केवल देवताओं के लिए सुलभ रहीं उस गंगाजी को भी मनुष्य अपनी कठोर तपस्या(मेहनत) और इच्छा-शक्ति से पा सकता है किंतु इस कथा में सूक्ष्म अर्थ भी छिपे हैं...
राजा भगीरथ कथा को स्थूल अर्थों में देखने पर जान पड़ता है कि जो केवल देवताओं के लिए सुलभ रहीं उस गंगाजी को भी मनुष्य अपनी कठोर तपस्या(मेहनत) और इच्छा-शक्ति से पा सकता है किंतु इस कथा में सूक्ष्म अर्थ भी छिपे हैं...