आज की दीवली में हमारे पास सबकुछ है,अधिक पैसा है, अधिक दोस्त हैं और सच कहें तो अधिक दिखावा है। पर वो गांव की आनंद वाली दीवाली नहीं है। पहले जेब तो खाली थी, लेकिन दिल प्रेम भवनाओं से भरा हुआ था! शायद यही वजह है कि की #गांव_वाली_दीवाली नहीं है अब!!!
आज की दीवली में हमारे पास सबकुछ है,अधिक पैसा है, अधिक दोस्त हैं और सच कहें तो अधिक दिखावा है। पर वो गांव की आनंद वाली दीवाली नहीं है। पहले जेब तो खाली थी, लेकिन दिल प्रेम भवनाओं से भरा हुआ था! शायद यही वजह है कि की #गांव_वाली_दीवाली नहीं है अब!!!