दो अलग - अलग शरीरों का अहसास एक साथ महसूस करना , दो अलग - अलग भावनाओं का अहसास एक साथ महसूस करना आसान तो नहीं ..! घरौंदे में छिपा पंछी भी उड़ना चाहता है तो फिर हमारा घरौंदा क्यों पिंजरे में तय किया गया है । एक सवाल जो मन को दीमक की तरह हर दिन कुरेदता ही जा रहा है कि क्यों तय करते हो हमारा घरौंदा ..!