https://parmeshwarkavachan.files.wordpress.com/2013/04/130428_01c.mp3 गिन गिन के स्तुति करूँ बेशुमार तेरे दानों को लिये अब तक तूने संभाला मुझे अपनी बाहों में लिये हुए तेरे शत्रु का निशाना तुझ पर होगा ना सफल आँखों की पुतली जैसे वो रखेगा, तुझे हर पल गिन गिन… आँधीयाँ बन के आयें जिन्दगी के फ़िकर कौन है तेरा खेवनहारा है भरोसा तेरा […]