गृहस्थी में आपसी विश्वास से ही तालमेल बनता है । आदमी से गलती हो तो औरत संभाल ले और औरत से कोई त्रुटि हो जाए तो पति उसे नजर अंदाज कर दे, यही गृहस्थी का मूलमंत्र है।
गृहस्थी में आपसी विश्वास से ही तालमेल बनता है । आदमी से गलती हो तो औरत संभाल ले और औरत से कोई त्रुटि हो जाए तो पति उसे नजर अंदाज कर दे, यही गृहस्थी का मूलमंत्र है।