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गुरु यह शब्द ही अपने आप में परिपूर्ण है। फिर जिस धर्म सम्प्रदाय पंथ आदि के लोग अपने गुरुओं पर आस्था रखते हैं या उनके निर्देशों का पालन करते हैं वह समाज कभी दिग्भ्रमित नहीं हो सकता पर गुरु भी उचित सिद्धांतों और आदर्शों से युक्त होना चाहिए। ऐसे गुरु ही परिवार समाज देश आदि का कल्याण कर सकते हैं। सिख धर्म की बात करें तो इस धर्म में गुरुओं को विशेष स्थान मिला है। dhindhora के इस podcast में गुरु नानक जयंती के अवसर पर उनके जीवन वृत्तांत पर विशेष प्रकाश डाला गया है। तो सुनियेगा ज़रूर और सुन कर शेयर करना भी मत भूलियेगा। आप सभी को गुरु नानक देव जयंती की हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएं। सुबोध तिवारी।
By Subodh Tiwariगुरु यह शब्द ही अपने आप में परिपूर्ण है। फिर जिस धर्म सम्प्रदाय पंथ आदि के लोग अपने गुरुओं पर आस्था रखते हैं या उनके निर्देशों का पालन करते हैं वह समाज कभी दिग्भ्रमित नहीं हो सकता पर गुरु भी उचित सिद्धांतों और आदर्शों से युक्त होना चाहिए। ऐसे गुरु ही परिवार समाज देश आदि का कल्याण कर सकते हैं। सिख धर्म की बात करें तो इस धर्म में गुरुओं को विशेष स्थान मिला है। dhindhora के इस podcast में गुरु नानक जयंती के अवसर पर उनके जीवन वृत्तांत पर विशेष प्रकाश डाला गया है। तो सुनियेगा ज़रूर और सुन कर शेयर करना भी मत भूलियेगा। आप सभी को गुरु नानक देव जयंती की हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएं। सुबोध तिवारी।