
Sign up to save your podcasts
Or


गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरु के प्रति समपर्ण होने चाहिए बिना गुरु गति नहीं होती गुरु क्या है गुरु के दिखाए मार्ग पर चल कर जीवन को सदगति प्राप्त करना हरेक मनुष्य चाहता है लेकिन गुरु की प्राप्ति भाग्यवानो को ही होती है आज कलयुग में गुरु (पथ पदर्शक ) कहाँ मिलते है हम भटकते हे ? कोई सदगुरु नहीं मिलाता ?
हमने शपथ उठाई है सरे जग में क्रांति मचाने की
गुरु चिंतन से बदलेंगे उलटी चाल ज़माने की
चिंतन ही मानव से दूषित या शुभ कर्म कराता है
है आधार विचार, वाही तो वातावरण बनता है
By sanganerkesariगुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरु के प्रति समपर्ण होने चाहिए बिना गुरु गति नहीं होती गुरु क्या है गुरु के दिखाए मार्ग पर चल कर जीवन को सदगति प्राप्त करना हरेक मनुष्य चाहता है लेकिन गुरु की प्राप्ति भाग्यवानो को ही होती है आज कलयुग में गुरु (पथ पदर्शक ) कहाँ मिलते है हम भटकते हे ? कोई सदगुरु नहीं मिलाता ?
हमने शपथ उठाई है सरे जग में क्रांति मचाने की
गुरु चिंतन से बदलेंगे उलटी चाल ज़माने की
चिंतन ही मानव से दूषित या शुभ कर्म कराता है
है आधार विचार, वाही तो वातावरण बनता है