हमारी सोच, हमारा सच।

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हमारी सोच, हमारा सच। episodes

  • Ep18 - आख़िरकार तनाव उतना बुरा नहीं होता।

    इस एपिसोड में हम समझेंगे कि stress हमेशा हमारा दुश्मन क्यों नहीं होता।

    जानेंगे कि stress को लेकर हमारी सोच और हमारा response हमारी health पर कैसे असर डाल सकता है।

    और समझेंगे कि कैसे stress को एक challenge की तरह देखकर हम बेहतर, मजबूत और खुशहाल बन सकते हैं।

    14 min
  • Ep17 - सफलता का फ़ॉर्मूला - F.I.T.B. | Formula of Success - FITB

    यह एपिसोड हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी से हटकर आपको लाइफ में बड़ी सफलता दिलाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें डॉ. मोहन 'FITB' यानी 'फायर इन द बेली' के असली मतलब और इंसान के अंदर छिपी तरक्की की आग को जगाने के साइकोलॉजिकल तरीकों को समझाते हैं। साथ ही, आप जानेंगे एक बेहद अनोखा 'SMART' गोल फ़ॉर्मूला जो आपकी कंसिस्टेंसी और अनुशासन को बदलकर आपको औसत से सीधे कामयाब बना देगा।

    17 min
  • Ep 16 | भावनाएँ: दिल का मामला, दिमाग का खेल... या कोई तीसरा? | The Logic of Emotions

    क्या हमारी भावनाएँ सच में दिल से आती हैं, या दिमाग का खेल हैं?

    इस एपिसोड में हम समझेंगे कि भावनाओं के पीछे DNA और evolution की क्या भूमिका है।

    और जानेंगे कि कैसे पुराने survival hacks आज हमारी ज़िंदगी को प्रभावित कर रहे हैं।

    16 min
  • Ep15 - पहली इंसानी भावना | The First Human Emotion

    अगर हम इंसान के 25 लाख सालों के इतिहास को सिर्फ़ एक साल के कैलेंडर में बदल दें, तो खेती की शुरुआत बस 4 दिन पहले हुई है! तो फिर बाकी के 327 दिन इंसान ज़िंदा कैसे रहा? इस एपिसोड में डॉ. मोहन बात करेंगे उस प्राचीन और शक्तिशाली भावना की, जिसने हमारे पूर्वजों को विलुप्त होने से बचाया। जानिए क्यों आपका दिमाग आज भी 'सर्वाइवल मोड' में काम करता है और वो कौन सी अनजानी ताक़त है जो आज भी आपकी आदतों को कंट्रोल कर रही हI If we compress 2.5 million years of human history into a single calendar year, agriculture began just 4 days ago. So, how did we survive the brutal reality of the previous 327 days? In this episode, Dr. Mohan uncovers the powerful, ancient "software" hardwired into our brains that saved our ancestors from extinction. Discover why your mind is still operating in survival mode and identify the hidden force that silently drives your modern habits today.ै।

    8 min
  • Ep14 - इंसानी आदतें: विकास का नतीजा या मजबूरी?

    क्या हमारी आदतें हमारी पसंद हैं या लाखों सालों के संघर्ष का नतीजा? इस पॉडकास्ट में हम 25 लाख सालों के इंसानी सफर को एक साल में समेट कर देखेंगे और समझेंगे कि कैसे हमारे DNA में दर्ज अनुभवों के कारण हम आज भी वही करते हैं जो हमारे पूर्वजों ने किया था। जैसे- ज़रूरत से ज़्यादा खाना।

    15 min
  • Ep13 - "मैं हूं एक Analyst - और ये हूं मैं!"

    सोच-समझकर बोलने वाला, हर चीज़ में लॉजिक ढूंढने वाला — क्या आप भी ऐसे हैं?

    इस पॉडकास्ट में जानिए एक Analyst की दुनिया — उसकी सोच, उसकी चुनौतियाँ और वो बातें जो अक्सर वो कह नहीं पाता।

    शायद ये कहानी किसी अपने की हो — और शायद... आपकी भी।

    सुनिए "मैं हूं एक Analyst – और ये हूं मैं"।

    7 min
  • Ep13 - पॉडकास्ट एपिसोड: "मैं हूं एक Analyst – और ये हूं मैं!"

    सोच-समझकर बोलने वाला, हर चीज़ में लॉजिक ढूंढने वाला — क्या आप भी ऐसे हैं?

    इस पॉडकास्ट में जानिए एक Analyst की दुनिया — उसकी सोच, उसकी चुनौतियाँ और वो बातें जो अक्सर वो कह नहीं पाता।

    शायद ये कहानी किसी अपने की हो — और शायद... आपकी भी।

    सुनिए "मैं हूं एक Analyst – और ये हूं मैं"।

    7 min
  • Ep12 - "मैं हूं एक Driver – और ये हूं मैं!"

    क्या आपके किसी करीबी की पर्सनालिटी Driver जैसी है?

    वो जो तेज़ फैसले लेता है, लक्ष्य पर टिका रहता है और हमेशा जीतना चाहता है?

    इस एपिसोड में जानिए एक Driver की सोच, उसकी ताकतें, कमज़ोरियां और रिश्तों में उसकी ज़रूरतें।

    सुनिए और रिश्तों को समझदारी और सम्मान के साथ मज़बूत बनाइए।

    7 min
  • Ep-11 - मैं एक Expressive (अभिव्यक्तिपूर्ण ) व्यक्तित्व हूं।

    यह एक Expressive व्यक्तित्व वाले व्यक्ति का पत्र है, जो उसने अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों के लिए लिखा है।


    इसका उद्देश्य है कि वे लोग उसे बेहतर तरीके से समझ सकें — और यह जान सकें कि एक-दूसरे की पर्सनालिटी को समझकर रिश्ते और भी गहरे और मज़बूत बनाए जा सकते हैं।

    8 min
  • Ep-11 - मैं एक अभिव्यक्तिपूर्ण (Expressive) व्यक्तित्व हूं।

    यह एक Expressive व्यक्तित्व वाले व्यक्ति का पत्र है, जो उसने अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों के लिए लिखा है।


    इसका उद्देश्य है कि वे लोग उसे बेहतर तरीके से समझ सकें — और यह जान सकें कि एक-दूसरे की पर्सनालिटी को समझकर रिश्ते और भी गहरे और मज़बूत बनाए जा सकते हैं।

    8 min

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जीवन में मेरा उद्देश्य सभी के लिए आत्म-जागरूकता को बढ़ावा देना है। आत्म-जागरूकता लोगों को स्वयं को समझने, आत्मविश्वास महसूस करने, अपनी बात कहने और सहानुभूति दिखाने में मदद करती है। यह हमें दुनिया…