जो अबोले प्यार को समझते है,उनके लिए इंसान और पेड-पौधे मे कोई अंतर नही। पत्तियो की बढत ,शाखो के विस्तार और तने के स्पंदन को वे हर पल महसूस कर सकते है। और हरी मुस्कराहटो के बनाए रखने की उनकी कोशिशे भी कम नही होती। एक ऐसी ही कहानी है रत्ना और अंबुआ के रिश्ते की।